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हिजड़ा और ट्रांसजेंडर: सही जानकारी, सही शब्द

Rahul Verma — Youth Sex Educator & Workshop Facilitator

By Rahul Verma

Youth Sex Educator & Workshop Facilitator · M.A. Public Health, JNU

लेखक: राहुल वर्मा, स्वास्थ्य शिक्षक और युवा कार्यशाला सूत्रधार


मेरे एक कार्यक्रम में 17 साल का एक लड़का खड़े होकर बोला — "सर, मेरे मोहल्ले में एक 'किन्नर' (Kinnar) हैं। मेरी दादी कहती हैं उन से दूर रहो। पर मुझे समझ नहीं आता — वे क्यों अलग हैं? क्या वे 'बीमार' हैं?"

मैंने उससे कहा — "नहीं, वे बीमार नहीं हैं। वे इंसान हैं — तुम्हारे जैसे। बस उनकी जेंडर पहचान अलग है। और इसमें कुछ ग़लत नहीं।"

फिर पूरी क्लास के साथ मैंने एक घंटा बात की। आधे बच्चों को नहीं पता था कि "ट्रांसजेंडर" शब्द का मतलब क्या है। कुछ ने सुना था पर ग़लत समझा था। कुछ सोचते थे कि "हिजड़े" और "ट्रांसजेंडर" एक ही हैं। कुछ डरते थे क्योंकि घर पर सिखाया गया था।

यह कोई दोष नहीं है — हम सब उसी समाज में बड़े हुए हैं जहाँ इन विषयों पर सही जानकारी कभी नहीं दी गई। हमें मज़ाक़ सिखाया गया। फ़िल्मों में कैरीकेचर दिखाए गए। मीडिया ने ग़लत शब्द इस्तेमाल किए।

आज मैं इन सब को साफ़ करने जा रहा हूँ। बिना पॉलिटिक्स, बिना एजेंडा, बस सीधी जानकारी। चाहे आप ट्रांस समुदाय से हों, उनके दोस्त, परिवार, या बस किसी ऐसे व्यक्ति हों जो समझना चाहता है — यह जानकारी आपके लिए है।


पहले बेसिक्स: सेक्स (Sex) और जेंडर (Gender) — दो अलग चीज़ें

यह सबसे ज़रूरी समझ है, और यहीं से ज़्यादातर भ्रम शुरू होते हैं।

सेक्स (जैविक लिंग — Biological Sex)

जन्म के समय शरीर के आधार पर जो "लिंग" डॉक्टर तय करते हैं — आमतौर पर जननांगों (Genitals), क्रोमोसोम्स, और हार्मोन्स के आधार पर:

  • पुरुष (Male) — XY क्रोमोसोम, टेस्टेस, टेस्टोस्टेरोन
  • महिला (Female) — XX क्रोमोसोम, अंडाशय, एस्ट्रोजन
  • इंटरसेक्स (Intersex) — कुछ विशेषताएँ दोनों की या न पुरुष, न महिला (लगभग 1.7% जनसंख्या)

जेंडर (लिंग पहचान — Gender Identity)

व्यक्ति ख़ुद को कौन समझता है — पुरुष, महिला, दोनों, या कोई और।

ज़रूरी: जेंडर शरीर से तय नहीं होता। यह दिमाग़ और मन का अनुभव है।

जेंडर अभिव्यक्ति (Gender Expression)

व्यक्ति अपनी पहचान कैसे दिखाता है — कपड़े, बाल, व्यवहार, भाषा।

यौन अभिविन्यास (Sexual Orientation)

व्यक्ति किसकी तरफ़ आकर्षित होता है — पुरुष, महिला, दोनों, या कोई नहीं।

ज़रूरी बात: ये चारों अलग-अलग चीज़ें हैं। एक से दूसरा तय नहीं होता। ट्रांसजेंडर व्यक्ति किसी भी यौन अभिविन्यास का हो सकता है — स्ट्रेट, गे, बायसेक्शुअल, ऐसेक्शुअल।


ट्रांसजेंडर क्या है?

ट्रांसजेंडर (Transgender) एक छाता शब्द (Umbrella term) है उन सभी लोगों के लिए जिनकी लिंग पहचान उनके जन्म के समय निर्धारित लिंग से अलग होती है।

उदाहरण:

  • जन्म के समय "लड़का" बताया गया, पर बड़े होकर ख़ुद को महिला महसूस करते हैं → ट्रांसजेंडर महिला (Trans Woman)
  • जन्म के समय "लड़की" बताया गया, पर बड़े होकर ख़ुद को पुरुष महसूस करते हैं → ट्रांसजेंडर पुरुष (Trans Man)
  • जन्म के समय जो भी बताया गया हो, पर ख़ुद को न पुरुष, न महिला, या दोनों, या कुछ और महसूस करते हैं → नॉन-बाइनरी (Non-binary) या जेंडरक्वियर

सिसजेंडर (Cisgender): वे लोग जिनकी जेंडर पहचान जन्म के समय निर्धारित लिंग से मेल खाती है (यानी "ट्रांस नहीं")।


हिजड़ा कौन हैं?

हिजड़ा भारत में एक पारंपरिक समुदाय है जिसका इतिहास हज़ारों साल पुराना है — पुराणों, महाभारत, और मुग़ल काल में भी इनका उल्लेख मिलता है।

हिजड़ा समुदाय की मुख्य बातें:

  1. यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है — सिर्फ़ लिंग नहीं
  2. हिजड़ों का अपना समुदाय, गुरु-चेला परंपरा, घराने, और रीतियाँ हैं
  3. ज़्यादातर हिजड़े जन्म के समय "पुरुष" बताए गए लोग होते हैं जो ख़ुद को महिला या न-पुरुष-न-महिला महसूस करते हैं
  4. कुछ हिजड़े जन्म से इंटरसेक्स (Intersex) होते हैं
  5. हिजड़ा समुदाय का अपना भाषा-कोड भी है (हिजड़ा फ़ारसी)
  6. भारत में हिजड़ों को पारंपरिक रूप से पवित्र और शुभ माना जाता है (शादी, बच्चे के जन्म पर आशीर्वाद देने आते हैं)
  7. लेकिन सामाजिक भेदभाव और गरीबी भी झेलते हैं

अन्य भारतीय परंपराएँ:

  • किन्नर (Kinnar) — हिजड़ों के लिए एक और सम्मानजनक हिंदी शब्द
  • अरावनी / थिरुनंगाई (Aravani / Thirunangai) — तमिल नाडु
  • जोगप्पा (Jogappa) — कर्नाटक, महाराष्ट्र
  • खुसरा (Khusra) / खुसरे — पंजाब
  • हिजरा — उत्तर भारत में आम शब्द

"हिजड़ा" और "ट्रांसजेंडर" में फ़र्क़

विशेषता हिजड़ा ट्रांसजेंडर
प्रकार सामाजिक/सांस्कृतिक पहचान छाता शब्द (umbrella term)
उत्पत्ति भारतीय (हज़ारों साल पुरानी) अंतरराष्ट्रीय शब्द (~1960s से)
समुदाय विशिष्ट गुरु-चेला परंपरा कोई विशिष्ट समुदाय आवश्यक नहीं
धार्मिक भूमिका हाँ — पारंपरिक रूप से विशिष्ट नहीं
दायरा भारत/दक्षिण एशिया-केंद्रित वैश्विक
हर हिजड़ा ट्रांसजेंडर है? अधिकांश, हाँ
हर ट्रांसजेंडर हिजड़ा है? नहीं

सरल समझ:

  • ज़्यादातर हिजड़े ट्रांसजेंडर होते हैं (क्योंकि उनकी लिंग पहचान जन्म के समय निर्धारित लिंग से अलग है)
  • लेकिन हर ट्रांसजेंडर हिजड़ा नहीं होता — कई ट्रांस लोग हिजड़ा समुदाय से नहीं जुड़ते। वे अपनी पहचान अलग तरह से जीते हैं।

भारत में ट्रांस और हिजड़ा समुदाय — कुछ ज़रूरी आँकड़े

  • जनगणना (Census 2011): भारत में लगभग 4.88 लाख "थर्ड जेंडर" लोग रहते हैं — पर वास्तविक संख्या 20-25 लाख से अधिक मानी जाती है
  • NHRC (National Human Rights Commission, 2019): भारत में 96% ट्रांसजेंडर लोगों को नौकरी पाने में भेदभाव झेलना पड़ता है
  • NACO (2023): भारत में हिजड़ा/ट्रांसजेंडर समुदाय में HIV की दर सामान्य आबादी के मुक़ाबले 20-25 गुना अधिक है
  • NHRC अध्ययन: 52% ट्रांस बच्चों ने स्कूल में bullying झेली, और इसी कारण कई स्कूल छोड़ देते हैं
  • The Lancet (2021): ट्रांसजेंडर समुदाय में अवसाद और आत्महत्या के विचार सामान्य आबादी से 5-10 गुना अधिक हैं — मुख्य कारण भेदभाव और पारिवारिक अस्वीकृति

ट्रांसजेंडर पहचान के विभिन्न प्रकार

ट्रांस लोग कोई एक "टाइप" नहीं हैं। यहाँ कुछ शब्द हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है:

1. ट्रांस वुमन (Trans Woman / MTF)

जन्म के समय "पुरुष" बताए गए, पर ख़ुद को महिला महसूस करते हैं। हिंदी में: ट्रांस महिला

2. ट्रांस मैन (Trans Man / FTM)

जन्म के समय "महिला" बताए गए, पर ख़ुद को पुरुष महसूस करते हैं। हिंदी में: ट्रांस पुरुष

3. नॉन-बाइनरी (Non-Binary)

ख़ुद को न पूरी तरह पुरुष न पूरी तरह महिला महसूस करते हैं — दोनों, कोई नहीं, या कुछ और।

4. जेंडरक्वियर (Genderqueer)

पारंपरिक "पुरुष/महिला" बक्सों में फ़िट नहीं होते।

5. एजेंडर (Agender)

कोई जेंडर पहचान महसूस नहीं करते।

6. बायजेंडर / जेंडरफ़्लूइड (Bigender / Genderfluid)

कभी पुरुष महसूस करते हैं, कभी महिला, कभी दोनों।

7. कोथी (Kothi)

दक्षिण एशिया में एक पहचान — जन्म के समय "पुरुष" बताए गए लोग जो स्त्रीलिंगी (Feminine) तरीक़े से रहते हैं और पुरुषों के साथ संबंध बनाते हैं। यह जेंडर और यौन अभिविन्यास दोनों का मिश्रण है।

ज़रूरी: हर व्यक्ति को अपनी पहचान चुनने का अधिकार है। हम बाहर से किसी की पहचान नहीं बना सकते।


क्या ट्रांसजेंडर "बीमारी" है?

बिल्कुल नहीं।

  • WHO ने 2019 में ट्रांसजेंडर पहचान को "मानसिक बीमारी" की सूची से हटा दिया (ICD-11 में)
  • APA (American Psychiatric Association) ने भी इसे "Disorder" मानना बंद कर दिया है
  • ट्रांसजेंडर होना कोई "Choice" भी नहीं है — यह व्यक्ति की पहचान है, जो जन्म से होती है
  • कुछ ट्रांस लोग जेंडर डिस्फोरिया (Gender Dysphoria) महसूस करते हैं — जब उनका शरीर और उनकी पहचान मेल नहीं खाते — इस से होने वाला कष्ट एक मेडिकल मुद्दा है, पर ट्रांस होना ख़ुद बीमारी नहीं

डॉ. प्रसाद दांडेकर, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और LGBT-friendly थेरेपिस्ट कहते हैं: "ट्रांसजेंडर लोगों को सबसे ज़्यादा नुक़सान बीमारी से नहीं — समाज की नज़र से होता है। पारिवारिक अस्वीकृति, स्कूल में bullying, नौकरी में भेदभाव — यही असली समस्याएँ हैं। अगर परिवार स्वीकार कर ले, तो बहुत कुछ बेहतर हो जाता है।"


भारत में ट्रांसजेंडर अधिकार — क्या क़ानून कहता है?

NALSA फ़ैसला, 2014

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फ़ैसला (NALSA v. Union of India) — जिसमें ट्रांसजेंडर लोगों को तीसरे लिंग (Third Gender) के रूप में मान्यता दी गई।

मुख्य बातें:

  • ट्रांसजेंडर भारतीय नागरिक हैं
  • उन्हें मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) हैं
  • वे ख़ुद अपनी जेंडर पहचान चुन सकते हैं
  • सरकार को आरक्षण, शिक्षा, और स्वास्थ्य प्रदान करना होगा

Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019

  • ट्रांस लोगों के साथ भेदभाव अवैध
  • नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा में अधिकार
  • "ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र" प्राप्त करने का अधिकार
  • सरकारी कल्याण योजनाओं में शामिल

अन्य विकास

  • 2023: Garima Greh योजना — ट्रांस लोगों के लिए सरकारी आश्रय गृह
  • केरल, तमिलनाडु, और कुछ राज्यों में ट्रांस लोगों के लिए विशेष कल्याण बोर्ड
  • उत्तर प्रदेश और दिल्ली में ट्रांस लोगों के लिए क़ानूनी पहचान आसान बनाने वाले कार्यक्रम

अभी भी जो बाक़ी है:

  • विवाह और गोद लेना — अभी भी क़ानूनी रूप से सीमित
  • रोज़गार में वास्तविक समावेश — कागज़ पर नहीं, हक़ीक़त में भी
  • हिंसा के ख़िलाफ़ सुरक्षा बढ़ानी ज़रूरी
  • सामाजिक स्वीकृति — यह क़ानून से नहीं, बातचीत से आएगी

स्वास्थ्य और मेडिकल देखभाल

जेंडर-एफ़र्मिंग केयर (Gender-Affirming Care)

कुछ ट्रांस लोग चाहते हैं कि उनके शरीर उनकी पहचान से मेल खाए। इसके लिए मेडिकल विकल्प उपलब्ध हैं:

  1. हार्मोन थेरेपी (HRT — Hormone Replacement Therapy): एस्ट्रोजन या टेस्टोस्टेरोन से शरीर में बदलाव
  2. जेंडर पुष्टि सर्जरी (Gender-Affirming Surgery / Sex Reassignment Surgery — SRS): सर्जरी से शरीर बदलना
  3. मनोवैज्ञानिक सहायता: थेरेपी और काउंसलिंग

ज़रूरी: हर ट्रांस व्यक्ति को इन सब की ज़रूरत नहीं होती। कई बिना सर्जरी या हार्मोन के ख़ुश हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है।

भारत में जेंडर-अफ़र्मिंग सर्जरी कहाँ?

  • AIIMS दिल्ली, AIIMS बेंगलुरु
  • टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई
  • Kokilaben Hospital, मुंबई
  • Apollo Hospitals, Fortis Hospitals (कई शहरों में)

HIV और यौन स्वास्थ्य

NACO के अनुसार, हिजड़ा/ट्रांसजेंडर समुदाय में HIV की दर बहुत अधिक है। NACO ने इस समुदाय के लिए विशेष कार्यक्रम बनाए हैं:

  • मुफ़्त HIV जाँच और काउंसलिंग
  • मुफ़्त ART
  • कंडोम वितरण
  • सुरक्षा और सहायता

हेल्पलाइन: NACO 1097


सही शब्द, ग़लत शब्द — एक गाइड

भाषा बहुत ज़रूरी है। ये शब्द जानें:

इस्तेमाल करें:

  • ट्रांसजेंडर (अंग्रेज़ी)
  • ट्रांस (छोटा, सम्मानजनक)
  • ट्रांस महिला / ट्रांस पुरुष
  • हिजड़ा (समुदाय का अपना शब्द है, इसलिए सम्मानजनक — पर सुनिश्चित करें कि वे ख़ुद इस्तेमाल करते हैं)
  • किन्नर (और भी सम्मानजनक हिंदी शब्द)
  • तीसरा लिंग (Third Gender) — सरकारी शब्द

बचें:

  • "छक्का" / "हिजड़ा" गाली के रूप में — कभी भी, बिल्कुल नहीं
  • "वो" लिंग न जानते हुए — पूछिए कि वे कौन से सर्वनाम (Pronouns) इस्तेमाल करते हैं
  • पुराने शब्द जैसे "Eunuch" (अंग्रेज़ी में अब अपमानजनक माना जाता है)
  • "असली पुरुष/महिला" बनाम "नक़ली पुरुष/महिला" — कोई "नक़ली" नहीं है। हर पहचान असली है।
  • "पैदाइशी पुरुष/महिला" — "Assigned male/female at birth" का इस्तेमाल करें

सर्वनाम (Pronouns)

अंग्रेज़ी में "He / She / They" — हिंदी में "वह / वो"। अगर आप नहीं जानते — पूछिए। यह असभ्य नहीं — यह सम्मान है।


अगर आप ख़ुद ट्रांस हैं — यह आपके लिए

अगर आप यह लेख पढ़ रहे हैं और ख़ुद के बारे में सोच रहे हैं — आप अकेले नहीं हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग ट्रांस हैं। भारत में लाखों।

क्या याद रखें:

  1. आप वैध हैं — आपकी पहचान असली है, चाहे कोई भी कहे
  2. यह आपकी ग़लती नहीं — आप जैसे हैं, सही हैं
  3. समय लीजिए — पहचान को समझने में समय लगता है
  4. सहायता उपलब्ध है — अकेले मत झेलिए

भारत में सपोर्ट संगठन:

  • Humsafar Trust (Mumbai): humsafar.org — LGBT समुदाय के लिए
  • Naz Foundation (Delhi): nazindia.org
  • Sahodaran (Chennai): sahodaran.in
  • Sahaj International (Pune)
  • Sangini Trust — महिलाओं के लिए
  • Tweet Foundation — दिल्ली, मुंबई

मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन्स:

  • iCall (TISS Mumbai): 9152987821 (LGBTQ-friendly)
  • Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 (24/7)
  • Mariwala Health Initiative
  • NIMHANS हेल्पलाइन: 080-46110007
  • AASRA (आत्महत्या रोकथाम): 9820466726

अगर आपके बच्चे या दोस्त ट्रांस हैं — माता-पिता के लिए

  1. सुनिए। पहली प्रतिक्रिया डर हो सकती है — लेकिन सुनिए
  2. रिजेक्शन सबसे बड़ा नुक़सान करती है। ट्रांस बच्चों में आत्महत्या की दर पारिवारिक स्वीकृति से बहुत कम होती है (American Academy of Pediatrics 2022)
  3. जानकारी लीजिए। पढ़िए, समझिए, अच्छे डॉक्टर से मिलिए
  4. समर्थन समूह से जुड़िए। आप अकेले नहीं हैं — कई परिवार इस यात्रा से गुज़रे हैं
  5. सम्मान दीजिए। आपका बच्चा वही इंसान है जिसे आप प्यार करते हैं — बस अब आप उन्हें बेहतर जानते हैं

ट्रांसजेंडर समुदाय के बारे में बड़े मिथक

मिथक 1: "ट्रांस होना एक 'चुनाव' है"

सच: यह चुनाव नहीं — पहचान है। कोई भी "चुन कर" ट्रांस नहीं बनता।

मिथक 2: "ट्रांस लोग 'कन्फ़्यूज़्ड' हैं"

सच: ट्रांस लोग ख़ुद को बहुत अच्छे से जानते हैं। कन्फ़्यूज़न समाज में है, उनमें नहीं।

मिथक 3: "हर हिजड़ा भीख माँगता है या सेक्स वर्क करता है"

सच: यह हिजड़ा समुदाय की मजबूरी है, "स्वभाव" नहीं। सामाजिक भेदभाव और रोज़गार की कमी के कारण कई के पास यही विकल्प बचता है। हालत बदल रही है — अब हिजड़ा वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी सब हैं।

मिथक 4: "ट्रांस होना पश्चिमी अवधारणा है"

सच: भारत में हिजड़ा समुदाय हज़ारों साल पुराना है। पुराणों, कामसूत्र, और मुग़ल काल के दस्तावेज़ों में उल्लेख है। यह बहुत पुरानी, स्वदेशी पहचान है।

मिथक 5: "ट्रांस लोग बच्चों के लिए ख़तरा हैं"

सच: कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं। यह एक हानिकारक मिथक है जो भेदभाव को बढ़ाता है।

मिथक 6: "अगर मेरा बेटा/बेटी ट्रांस है, तो मुझ में 'कमी' है"

सच: माता-पिता की कोई "कमी" नहीं। ट्रांस होना आनुवंशिक, हार्मोनल, और जैविक कारकों का परिणाम है — पालन-पोषण से नहीं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

"हिजड़ा" शब्द क्या अपमानजनक है?

संदर्भ पर निर्भर करता है। यह उनके अपने समुदाय का सम्मानजनक शब्द है। लेकिन जब इसे गाली के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो अपमानजनक होता है। अगर अनिश्चित हैं, तो "ट्रांसजेंडर" या "किन्नर" का इस्तेमाल करें।

क्या भारत में समलैंगिक विवाह क़ानूनी है?

अभी तक नहीं। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने से इनकार किया — पर बहस जारी है। ट्रांसजेंडर लोग कुछ शर्तों के साथ शादी कर सकते हैं अगर वे क़ानूनी रूप से अपनी जेंडर पहचान बदल चुके हों।

क्या ट्रांसजेंडर लोग बच्चे पैदा कर सकते हैं?

जैविक रूप से, कुछ ट्रांस लोग कर सकते हैं (अगर वे हार्मोन या सर्जरी न लें)। मेडिकल इलाज से पहले अंडे या शुक्राणु स्टोर भी कर सकते हैं। गोद लेना भारत में ट्रांस लोगों के लिए अभी भी क़ानूनी रूप से जटिल है।

क्या ट्रांस होना "जेनेटिक" है?

विज्ञान अभी भी पूरी तरह नहीं समझता। AAP (American Academy of Pediatrics 2022) के अनुसार, ट्रांसजेंडर पहचान आनुवंशिकता, हार्मोनल, और जैविक कारकों के मेल से बनती है। यह "Choice" नहीं है, लेकिन एकमात्र "Gene" भी नहीं है।

मैं ट्रांस लोगों का समर्थन कैसे कर सकता/सकती हूँ?

  • सही शब्द इस्तेमाल करें
  • भेदभाव या मज़ाक़ देखें तो आवाज़ उठाएँ
  • LGBTQ+ संगठनों को समर्थन दें
  • अपने बच्चों को सम्मान सिखाएँ
  • वोट देते समय समावेशी नीतियों के लिए वोट करें
  • अगर कोई ट्रांस व्यक्ति ज़िंदगी में आए — उन्हें बस इंसान की तरह मानें

हिजड़ा हो, ट्रांसजेंडर हो, क्वियर हो, या सिजेंडर — हर इंसान सम्मान का हक़दार है। हमारी पहचान जो भी हो, हमारी इंसानियत एक है। डर और भेदभाव हमें छोटा बनाते हैं — स्वीकृति और जानकारी हमें इंसान। आइए, ख़ुद से शुरू करें। ख़याल रखें, और एक-दूसरे का सम्मान कीजिए। — राहुल

Samjho पर हम लिंग, यौन अभिविन्यास, और LGBTQ+ अधिकारों पर शर्म-मुक्त, सटीक जानकारी देते हैं। अगर आपने कुछ नया सीखा — किसी और तक भी पहुँचाइए। एक सही जानकारी दस गलतफ़हमियाँ मिटा सकती है।

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